मेरी प्यारी दादीमाँ

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क्या कहूं मैं अपनी दादीमाँ के बारे में, कुछ शब्द नहीं हैं कहने को l दादीमाँ मेरी प्यारी दादीमाँ जिन्होंने हमारा वंश आगे बढ़ाया जिन्होंने हमारे वंश को चलना सिखाया l मेरी प्यारी दादीमाँ ने बहुत कुछ सिखाया है, बचपन में और आज भी कभी दादीमाँ के पास बैठता हूँ तो बहुत कुछ सिखाती है दादीमाँ ज़िंदगी के बारे में l बचपन में जब छोटे थे तो दादीमाँ ने चलना सिखाया जब भी माँ पापा से डांट पड़ती तो मैं दादीमाँ के पास चला जाता और दादीमाँ के साथ शरारतें करता I कभी दादीमाँ के गोद में बैठता कभी इधर-उधर भाग जाता I दादीमाँ जिन्होंने माँ-पापा को भी ज़िंदगी के बारे में सिखाया I

क्या दिन थे वो जब दादीमाँ के साथ गोद में बैठकर वो शरारतें करना वो दादीमाँ से डांट सुनना I 

 बहुत ख़ुशी मिलती थी जब दादीमाँ मुझे नंगा करके नहलाया करती थीं 🙈l

जब पानी गर्म होता तो दादीमाँ खुद अपने हाथों से वह पानी देखती कि पानी गर्म है या ठंडा l

वो स्कूल के दरवाजे तक दादीमाँ का मुझे छोड़ना हमेशा और वो स्कूल से वापिस भी लाना

 

जब कभी दादीमाँ से नाराज होता तो, दादीमाँ के हाथों से वो चीज़ी लेकर ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता और एहसास होता कि बस यही है दुनिया मेरी l

आज दादीमाँ बूढ़ी हो गयीं हैं, मगर वो प्यार वैसा ही है मेरे लिए l काश कुछ करने का मौका मिलता दादीमाँ के लिए l

आज भी वो दिन मैं नहीं भूल पाता बस दुआ करता हूँ उस ऊपर वाले से कि मेरे दादीमाँ हमेशा स्वस्थ रहें अच्छी रहें l

सभी अपनी दादीमाँ से प्यार करते हैं तो बस कुछ शब्द अपनी प्यारी दादीमाँ के लिए l

""दादी ओ दादी मेरी प्यारी दादीमाँ तुमने ही ये घर बनाया तुमने ही ये घर है चलाया l तुम हो तो हम हैं , तुम हो तो सब गम खत्म हैं l तुम जिओ हज़ारों साल मेरी प्यारी दादीमाँ""  

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